पहली करवाचौथ।

पूछो उसके दिल का कल क्या हाल होगा,
हाथों में मेहंदी, कपड़ों का रंग सुर्ख लाल होगा,

यूं तो बातें बहुत कम ही कहती है वो,
दबा लेकिन उसके दिल में मेरा ख्याल होगा,

कुछ किस्से तो मेरे भी याद आयंगे उसे,
कहना किसी से लेकिन देखिए मुहाल होगा,

शायद मैंने किया गलत है, या सही कर के गलत
कूदता बदस्तूर उसके मन में ये भी सवाल होगा,

वो भूल कर भी मुझे भूली नहीं जानता हूं,
डर इस बात का, जिक्र किया तो बवाल होगा,

किसी का किस्सा सुनेगी कहानी किसी की,
आता रहेगा उसके दिल में, मेरा ही ख्याल होगा,

चांद निहारने को चढ़ेगी वो छत पर भी,
झांक जो दिल में लिया, हाल बड़ा बे हाल होगा,

किस्सा सबका सुनेगी और सोचेगी ये कुछ नहीं,
उसकी निगाह में हमारा किस्सा जो बे मिसाल होगा

उस शम्मा को अब परवाना भूल गया है ‘ रोशन ‘
हाथ में जिसके चूड़ा किसी और के नाम का, लाल होगा ।।

PS: this piece is entirely related to my personal events and not related to any other people. Any resemblance will be a co incident.

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