सीमा पर शत्रु संहार करो।।

एक सैनिक फिर तुमने आज खोया है, फिर एक परिवार आज आंसू खून के रोया है, क्या समझ नहीं पाते हो, चुप हो, चुप रह जाते हो, कुछ तो अब विचार करो, सीमा पर अब शत्रु संहार करो।। यूं ही द्विग मंडल के सूर्य को ना अस्त करो, उठो जागो अंधेरों को त्राहि और त्रस्त […]

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पर तुम नहीं हो

वही आलम ए तन्हाई है, पर तुम नहीं हो, आंखें फिर भर आई हैं, पर तुम नहीं हो, यूं ही शाम को बैठे अकेले सोचा करते हैं, पास गजलें हैं, रूबाई है, पर तुम नहीं हो, ये फिज़ा बदरंग अब लगने लगी है मुझे, जो पास मेरे मेरी रानाई है, पर तुम नहीं हो, मेरी […]

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नारी

यौवन की तुम अप्रितम कृति, सुंदरता की विस्मित स्मृति, भाव बिखरे से जाते हैं, तुम नारी हो, नर सभी जीवन तुमसे पाते हैं। तुम स्वर मधुर की रागनी, तुम स्वरा, हो भवभामिनी, तुम नदी सी स्वच्छंद स्वतंत्र कभी लक्ष्मी बाई, जिससे शत्रु घबराते हैं, तुम नारी हो, नर सभी जीवन तुमसे पाते हैं। तुम यशोदा […]

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पहली करवाचौथ।

पूछो उसके दिल का कल क्या हाल होगा, हाथों में मेहंदी, कपड़ों का रंग सुर्ख लाल होगा, यूं तो बातें बहुत कम ही कहती है वो, दबा लेकिन उसके दिल में मेरा ख्याल होगा, कुछ किस्से तो मेरे भी याद आयंगे उसे, कहना किसी से लेकिन देखिए मुहाल होगा, शायद मैंने किया गलत है, या […]

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बैन न कर दे

ये मुस्कुराहट कितनों को बैचैन कर दे, जरा सोच कर मुस्कुराया करो जो खतरा पड़े जवानों के दिल पे, कहीं सरकार ना तुम्हे बैन कर दे।। ये जो जुल्फ बिखरती है खुली हवा में, मदहोश करती है लाखों दिलों को, कोई जो होश खोया तो बचना ए हसीं, अफीम समझ कर सरकार जुल्फ कैद ना […]

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इश्क़

कितना इश्क़ तुमसे किया करते हैं, तन्हा हर शाम यादें जिया करते हैं दफ़न तो कर दें कहीं किसी कोने में, तेरी इल्तज़ा है, सांसे लिया करते हैं हर वक़्त की तन्हाई का आलम है ये, तेरी याद को सफर ए हयात किया करते हैं कुछ लफ्ज़ हैं,कुछ इश्क़ और कुछ आंसू, जिया है जो […]

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ग़ज़ल ए शाम

शामे बेवक्त फिर से गहराने लगी है, लगता है उन्हें हमारी याद आने लगी है , लिपट जाती है उससे वो हर रात ही को, महक चादर में मेरी, उसपे हक जताने लगी है, उसने मेरा किस्सा शायद सुना ही डाला, नींद फिर से ख्वाबों को सताने लगी है, उसका जाना या आना मौसम क्या […]

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